OR
कुछ छोटे होते तो जो बातें करते थे,
वो मुश्किल लफ्ज़ आसानी से बोल देते थे ,
जो शाबाशी मिलती उस से कई दिनों तक आसमान तक रहते थे ,
न जाने, वो पल, वो यादें कहां छुप गई।
गलती का बिना बताए सबको गलती दिखाते,
फिर मासूम सा चेहरा बना डांट खाते,
और घंटो तक रोकर अपनी गलती पर पछताते,
न जाने, वो पल, वो यादें कहां छुप गई।
हर खेल के नए तौर तरीके होते,
पुराने खेल कूद और मस्ती में कुछ नया जोड़ देते,
फिर खुद मुश्किल कर खुद बचने के रास्ते खोजते,
न जाने, वो पल, वो यादें कहां छुप गई।
रात को घंटो जागकर कहानियों को सुनते थे,
फिर अपने मन से उन किस्सों में खुद कुछ जोड़ देते थे,
और कामना करते कि सपनों में अगर कोई परी मिल जाए तो उससे कैसी इच्छा मांगा करते,
न जाने, वो पल, वो यादें कहां छुप गई।
Changing situation of life can't change you
| Rank | Name | Points |
|---|---|---|
| 1 | Manish_5 | 408 |
| 2 | Srivats_1811 | 287 |
| 3 | Infinite Optimism | 125 |
| 4 | Sarvodya Singh | 116 |
| 5 | AkankshaC | 93 |
| 6 | Udeeta Borpujari | 86 |
| 7 | Rahul_100 | 68 |
| 8 | Rahul Gupte | 66 |
| 9 | June | 55 |
| 10 | Anshika | 53 |
| Rank | Name | Points |
|---|---|---|
| 1 | Udeeta Borpujari | 551 |
| 2 | Srivats_1811 | 311 |
| 3 | Sarvodya Singh | 279 |
| 4 | Rahul_100 | 250 |
| 5 | AkankshaC | 195 |
| 6 | Infinite Optimism | 179 |
| 7 | Anshika | 152 |
| 8 | Kimi writes | 150 |
| 9 | Wrsatyam | 148 |
| 10 | aditya sarvepalli | 139 |
Feedback