Yaadein

Yaadein
कुछ छोटे होते तो जो बातें करते थे,
वो मुश्किल लफ्ज़ आसानी से बोल देते थे ,
जो शाबाशी मिलती उस से कई दिनों तक आसमान तक रहते थे , 
न जाने, वो पल, वो यादें कहां छुप गई।
गलती का बिना बताए सबको गलती दिखाते,
फिर मासूम सा चेहरा बना डांट खाते,
और घंटो तक रोकर अपनी गलती पर पछताते,
 न जाने, वो पल, वो यादें कहां छुप गई।
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